PM Fasal Bima Yojana 2026: सिर्फ 1.5% प्रीमियम पर फसल बीमा, रबी नामांकन और दावा की पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तों, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि या कीट — एक ही मौसम किसान की पूरी मेहनत छीन सकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) इसी नुकसान से बचाने के लिए है — किसान सिर्फ 2% (खरीफ) या 1.5% (रबी) प्रीमियम देता है, बाकी सरकार भरती है और फसल खराब होने पर दावा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है। इस लेख में हम आपको प्रीमियम, कवर, आवेदन और दावा (Claim) की पूरी प्रक्रिया बताएंगे।

PM Fasal Bima Yojana 2026: एक नजर में

बिंदु जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
शुरुआत 18 फरवरी 2016 (खरीफ 2016 से लागू)
2026–27 बजट ₹12,200 करोड़
अब तक का कवर 92.46 करोड़ से ज्यादा किसान आवेदन बीमित; 26.33 करोड़ से ज्यादा आवेदनों पर ₹2.06 लाख करोड़ से ज्यादा के दावे चुकाए गए
आधिकारिक पोर्टल pmfby.gov.in
हेल्पलाइन 14447

किसान को कितना प्रीमियम देना है?

फसल का प्रकार किसान का प्रीमियम (बीमित राशि का) उदाहरण (₹50,000 बीमित राशि पर)
खरीफ फसलें (धान, मक्का, सोयाबीन, बाजरा, ज्वार) 2% ₹1,000 प्रति सीजन
रबी फसलें (गेहूं, सरसों, चना, मसूर) 1.5% ₹750 प्रति सीजन
वाणिज्यिक/बागवानी फसलें (कपास, गन्ना, प्याज) 5% ₹2,500 प्रति सीजन

बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं (आमतौर पर 50:50; पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 90:10 अनुपात में)।

क्या-क्या कवर होता है?

  • बुआई न हो पाना (Prevented Sowing) और बुआई के बाद सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीट और रोग से नुकसान।
  • स्थानीय आपदाएं — जैसे ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव और बादल फटना।
  • कटाई के बाद का नुकसान — चक्रवात या बेमौसम बारिश से (अधिसूचित दिनों के भीतर)।
  • जंगली जानवरों के हमले से स्थानीय फसल नुकसान भी अब स्थानीय जोखिम श्रेणी में कवर के रूप में जोड़ा गया है (खरीफ 2026 से लागू ढांचे के तहत)।

कौन जुड़ सकता है?

  • अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाला कोई भी किसान — जमीन का मालिक हो या बटाईदार/किराएदार किसान।
  • ऋणी (KCC/फसल ऋण लेने वाले) और गैर-ऋणी दोनों किसान जुड़ सकते हैं।

आवेदन कैसे करें? (रबी 2026–27 के लिए)

  1. pmfby.gov.in पर Farmer Corner में जाएं और मोबाइल + आधार से नया किसान पंजीकरण करें।
  2. व्यक्तिगत, जमीन, फसल और बैंक विवरण भरें।
  3. आधार, जमीन के कागज, बैंक पासबुक और बुआई प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अपलोड करें।
  4. ऑनलाइन प्रीमियम भरें और आवेदन संख्या/रसीद संभालकर रखें।
  5. बैंक शाखा या CSC केंद्र से भी आवेदन किया जा सकता है।

जरूरी नोट: खरीफ 2026 का नामांकन अधिकांश राज्यों में 31 जुलाई 2026 को बंद हो चुका है। रबी 2026–27 की अंतिम तारीख हर राज्य अलग-अलग अधिसूचित करता है — अपने जिले और फसल की सही तारीख pmfby.gov.in या राज्य कृषि पोर्टल पर जरूर जांच लें।

दावा (Claim) कैसे करें?

  1. 72 घंटे के भीतर सूचना दें — Crop Insurance App (जियोटैग फोटो के साथ), हेल्पलाइन 14447, बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, बैंक या कृषि अधिकारी के जरिए।
  2. बीमा कंपनी नुकसान का आकलन करती है — व्यापक नुकसान में क्षेत्र-उपज (Crop Cutting Experiments) के आधार पर, स्थानीय नुकसान में व्यक्तिगत सूचना के आधार पर।
  3. स्वीकृति के बाद दावा राशि DBT से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: रबी फसल पर किसान को कितना प्रीमियम देना है?
बीमित राशि का सिर्फ 1.5% — बाकी सरकार भरती है।

प्रश्न 2: दावा कितने समय में बताना जरूरी है?
स्थानीय/कटाई-बाद नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी होती है।

प्रश्न 3: क्या बिना ऋण वाले किसान भी जुड़ सकते हैं?
हां, गैर-ऋणी किसान भी PMFBY में नामांकन करा सकते हैं।

प्रश्न 4: दावा कहां ट्रैक करें?
pmfby.gov.in के Farmer/Applicant सेक्शन में आधार/आवेदन ID/मोबाइल से स्टेटस देखा जा सकता है।

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अस्वीकरण: यह वेबसाइट किसी सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। नामांकन से पहले कृपया pmfby.gov.in या अपने राज्य कृषि विभाग से अपने जिले, फसल और सीजन की ताजा अंतिम तारीख, प्रीमियम और शर्तें जरूर जांच लें।

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